UPTET Normalization Rule 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के रिजल्ट का इंतजार लाखों अभ्यर्थी कर रहे हैं। लाखों अभ्यर्थी रिजल्ट का इंतजार लगातार कर रहे हैं। लेकिन इस बार यूपी में सामान्यीकरण की प्रक्रिया लागू की जाने वाली है। परीक्षा तीन दिन और 6 शिफ्ट में परीक्षा आयोजित की गई थी। जिस वजह से यह उम्मीद लगाई जा रही है कि जो अभ्यर्थियों का नंबर पासिंग मार्क्स के नजदीक है उनको भी पास किया जा सकता है। यानी दो से तीन नंबर इधर-उधर है तो अभ्यर्थियों को बहुत ज्यादा चिंता बढ़ चुकी है। हालांकि नॉर्मलाइजेशन किस आधार पर लागू होगा यह अभी कोई नहीं समझ पा रहा। इसलिए अभ्यर्थियों की टेंशन और बड़ी हुई है। आज के इस लेख के माध्यम से पासिंग मार्क्स और सामान्यीकरण का पूरा गणित और किसको क्या फायदा मिलेगा और नुकसान क्या हो सकता है पूरी जानकारी बताई गई है।
यूपीटीईटी एग्जाम पास होने के लिए इतना नंबर होना जरूरी
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 150 प्रश्नों का आयोजित होता है। हर श्रेणी के लिए पासिंग मार्क्स पहले से तय किया गया है। सामान्य वर्ग के जो अभ्यर्थियों को पास होने के लिए 150 में 90 अंक लाना जरूरी है। यानी 60% होना जरूरी है। वही ओबीसी एससी एसटी दिव्यांग वीसी सर्विस में श्रेणी के अभ्यर्थी यह सीमा 55% यानी 82% रखा गया है। यानी सामान्य वर्ग को छोड़ते हुए बाकी सभी प्रकार के सीडीओ में उनको एक जैसा ही रखा गया है। नीचे दिए गए टेबल के अनुसार यह जानकारी टेबल के द्वारा समझाया गया है।
| Category | प्रतिशत | उत्तीर्ण नम्बर |
| सामान्य श्रेणी | 60% | 90 अंक |
| OBC/SC/ST | 55% | 82 अंक |
| EWS / एक्स-सर्विसमैन/दिव्यांग | 55% | 82 अंक |
Normalization का नियम पहली बार यूपी टेट में
उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड के द्वारा पहले यूपी का आयोजन होता था। लेकिन अब इसकी नई जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को दे दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसला हो जाने के बाद जो पहले से कार्यरत मानदेय टीचर से इनको भी इस बार परीक्षा में बैठने का अवसर मिला है। अभ्यर्थी की संख्या अचानक काफी ज्यादा बढ़ गई थी और इतने बड़ी संख्या में आवेदन होने की वजह से यूपी टेट की परीक्षा कई शिफ्ट में आयोजित करनी पड़ी। जब पेपर अलग-अलग सिस्टम में रहता है तो पेपर की कठिनाई का स्तर एक समान नहीं रहता। कुछ शिफ्ट का पेपर आसान होता है तो कुछ शिफ्ट का पेपर कठिन होता है। जिस वजह से सामान्यीकरण यानी नॉर्मलाइजेशन के नियम को लागू किया जाता है। यानी हर शिफ्ट के स्कोर को एक समान स्तर पर लाया जाए। इसके लिए यह नॉर्मलाइजेशन के नियम को लागू किया जाता है।
इन छात्रों की यूपी टेट रिजल्ट बाद बढ़ सकती है टेंशन
सबसे ज्यादा टेंशन उन सभी अभ्यर्थियों को है जो कि बॉर्डर पर है। यानी पासिंग मार्क्स के बेहद करीब है सामान्य वर्ग के जो अभ्यर्थी हैं उत्तर कुंजी के आधार पर जिनके भी 86,87,88, 89 अंक है उनको थोड़ा सा उम्मीद है कि उनके अंक में बढ़ोतरी हो सकती है। अगर इन छात्रों के अंक में बढ़ोतरी हुई तो यह छात्र 90 अंक पाने पर पास माने जाएंगे। और वहीं पर आरक्षित वर्ग के सभी उम्मीदवारों हेतु 82 अंक पासिंग मार्क्स तय रहता है। जो कि 75 से 77 के बीच में जिन अभ्यर्थी के अंक आ रहे हैं वह भी अब नॉर्मलाइजेशन के आधार पर पास होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। लेकिन इतने नॉर्मलाइजेशन में अंक बढ़ पाना यूपी टेट में काफी मुश्किल है इतने बड़े अंतर के आधार पर छात्रों के अंक बढ़ जाए यह आसान नहीं होता है। हालांकि आंसर की में मिलान करने पर आपके जो अंक बन रहे हैं वह अभी अंतिम अंक नहीं है अंतिम रिजल्ट आने के बाद अंकों की स्थिति में थोड़ा बहुत बदलाव देखने को मिल सकता है क्योंकि नॉर्मलाइजेशन की इस बार प्रक्रिया लागू होगी।
नॉर्मलाइजेशन को लेकर बन सकती है विवाद की स्थिति
नेविगेशन जो की एक नई बात नहीं है हर एग्जाम में नॉर्मलाइजेशन के प्रक्रिया को लागू किया जाता है। जैसे कि एसएससी रेलवे और CUET जैसी बड़ी परीक्षा में यह नियम लागू होता है। लेकिन इस फार्मूले की ट्रांसपेरेंसी को लेकर हमेशा से सवाल रहे हैं CUET एग्जाम के कई स्टूडेंट्स के द्वारा शिकायत किया गया है और नॉर्मलाइजेशन के बाद CUET के छात्रों का 40 से 50 अंक तक कम हुआ है। छात्रों के द्वारा एजेंसी से रा मार्क्स के आधार पर नॉर्मलाइजेशन का पूरा तरीका इस चार्जिंग किए जाने की मांग की वजह से यूपी टेट के छात्रों में भी डर बना हुआ है कि कहीं अंकों में काफी बड़ा उलट फेर ना देखने को मिले।
यूपीटीईटी छात्रों के लिए जरूरी अपडेट
यूपी टेट रिजल्ट का जानकारी अभ्यर्थियों हेतु काफी बड़ी अपडेट आ चुकी है। आंसर के आधार पर पूरा स्कोर के आधार पर अपनी स्थिति का अंदाजा अभी लगाना सही नहीं रहेगा।जिन छात्रों का नंबर पासिंग मार्क्स के इर्द-गिर्द है और रिजल्ट आने तक उनको थोड़ा देर बनाकर काम करना है। हालांकि यूपी टेट का रिजल्ट के साथ छात्रों को सीटेट परीक्षा के लिए भी तैयारी करते रहना चाहिए। यूपीटीईटी वह इससे जुड़ी जानकारी के लिए इस साइट को और ऑफिशियल वेबसाइट को विजिट करते रहें।










