Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2026: यूपी सरकार के द्वारा एक ऐसी योजना शुरू की गई है। जिसकी वजह से अनाथ व असहाय बच्चों के लिए यह योजना वरदान बन रही है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना उत्तर प्रदेश में उन बच्चों के लिए स्वरूप किया गया है। जो की वह बच्चों ने अपने माता-पिता को खो चुके हैं इस मुश्किल हालात से जिंदगी को संवारने के लिए सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है। सरकार का यह मकसद है कि इन बच्चों को पैसे की कमी की वजह से पढ़ाई और भविष्य पर किसी भी प्रकार का असर न पड़े। इस उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की गई है। ताकि बच्चे पढ़ाई जारी रख पाए। बच्चों की आगे पढ़ाई तक पूरा इंतजाम इस योजना के अंतर्गत किया गया है।
Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2026 Overview
| विवरण | जानकारी |
| राज्य का नाम | उत्तर प्रदेश |
| किसको मिल सकेगा फायदा | अनाथ व असहाय बच्चों को |
| उम्र सीमा | 18 सके 23 वर्ष |
| प्रति माह मिलने वाली राशि | 2500 रुपये / माह |
| कुल लाभान्वित बच्चों की संख्या | 1,09,539+ |
सरकार 12वीं पास के बाद देती रहेगी आर्थिक मदद, जाने शर्त की डिटेल्स
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत सरकार के द्वारा किया गया है और इस योजना के तहत मदद स्कूल की पढ़ाई तक सीमित नहीं रहने वाले बाल की अनाथ बच्चे जो कि 12वीं पास कर लिए हैं और स्नातक या फिर किसी डिप्लोमा या फिर अन्य कोर्स में दाखिला ले लेते हैं तो उन बच्चों को 18 वर्ष से 23 वर्ष की उम्र तक प्रति महीने ₹2500 सरकार आर्थिक मदद करेगी। सरकार के द्वारा इस राशि को 23 वर्ष पूरा होने तक या फिर कोर्स के खत्म होने तक दिया जाता रहेगा। यानी दोनों में से जो पहले होगा सरकार लाभ देती रहेगी। उदाहरण के तौर पर कोई बच्चा 18 साल की उम्र में स्नातक में प्रवेश लिया है तो उसको कई वर्ष तक हर महीने यह ₹2500 की रकम सरकार इस योजना के तहत देगी। जिससे वह पैसों की चिंता कर किए बिना अपनी पढ़ाई को आगे जारी रख पाएंगे और बच्चों का मानसिक तनाव कम रहेगा ताकि वह पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे पाए।
CM बाल सेवा योजना का लाभ 1 लाख से ज्यादा बच्चों तक पहुँचा
सरकार के द्वारा इस योजना के दायरे को धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि अभी तक देखा जाए तो राज्य की 109539 से ज्यादा ऐसे बच्चे हैं जिनको इस योजना के तहत आर्थिक लाभ दिया जा रहा है। इस मदद के द्वारा बच्चों का पालन पोषण भी हो रहा है और अच्छी पढ़ाई हो रही है और रोज जरूर की चीज मिल पा रही हैं। पढ़ाई लिखाई का सामान वह खरीद पा रहे हैं सबसे बड़ा फायदा यह है कि जिस परिवार पर बच्चों की पढ़ाई की वजह से आर्थिक बोझ था वह काफी हद तक कमी आई है। जैसा कि परिवार को बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना पड़ता था वह नहीं रहेगा इस योजना की वजह से परिवार अपने बच्चों को बिना पैसों की आर्थिक भोज के अच्छे से पाल पा रहे हैं।
बच्चों को अपना भविष्य संवारने का मिल रहा अवसर
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत सरकार बच्चों की पढ़ाई व उनके भविष्य को देखते हुए काफी गंभीरता से कार्य कर रही है। सरकार का यहां पूरा मकसद है कि जो भी जरूरतमंद बच्चा है वह अपने पैरों पर खड़ा हो पाए और पढ़ाई कर पाए और सम्मान के साथ भविष्य में आगे बढ़ पाए सरकार के द्वारा इस योजना के तहत उन बच्चों को पूरा अवसर दिया जा रहा है। ताकि सभी बच्चे जो कि अनाथ व असहाय है पढ़ पाएं। और भविष्य में आगे बढ़ पाए इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है जो कि परिवार पहले दफ्तर के चक्कर लगाने लगते थे अब इस बदलाव की वजह से भविष्य में ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद बच्चों तक इस लाभ का फायदा मिल पाएगा।
इस योजना के तहत किस प्रकार मिलेगा और कैसे करें आवेदन जाने
इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए बच्चों व उनके मौजूदा अभिभावकों का नई फोटो के साथ आवेदन पत्र भरना है। बच्चों के माता या पिता या फिर दोनों के मृत्यु प्रमाण पत्र और बच्चों की उम्र का प्रमाण पत्र जैसे कि परिवार रजिस्टर की कॉपी या फिर बच्चों के पास कोई ऐसा सरकारी कागज जिसमें उम्र लिखित रूप से हो या फिर बच्चा की किसी शिक्षण संस्थान में वर्तमान में पढ़ाई कर रहा हो और बच्चों का स्थाई निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र यह सभी दस्तावेज लगेंगे। जैसा कि बच्चों के माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई है तो ऐसे में आए का प्रमाण पत्र देना बिल्कुल जरूरी नहीं है। फॉर्म भरते हुए आवेदक ग्राम विकास अधिकारी या फिर ग्राम पंचायत अधिकारी या फिर ब्लॉक कार्यालय में आसानी से जमा कर सकते हैं। शहरी इलाकों की बात किया जाए तो तहसील या फिर जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में जमा कर पाएंगे। जैसे आप फार्म जमा करते हैं अधिकारी इस फॉर्म की जांच करेंगे। अगर आपके द्वारा दिए गए आवेदन पत्र व दस्तावेज सही है तो मंजूरी मिल जाने के बाद बच्चों को सीधा उनके बैंक खाते में पैसा मिलना शुरू हो जाता है। उस खाते में यह पैसा भेजा जाता है जो कि आधार से लिंक हो यानी कि डीबीट यानी कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का सुविधा चालू होना चाहिए।










